रायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत छत्तीसगढ़ में नियमों की अनदेखी पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। राज्य नोडल एजेंसी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के निर्देशों का पालन न करने पर 59 निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
इनमें 33 अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि 26 अस्पतालों के भुगतान और प्री-ऑथराइजेशन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
रायपुर में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
कार्रवाई में सबसे अधिक मामले राजधानी रायपुर से सामने आए हैं, जहां कुल 44 अस्पतालों पर एक्शन लिया गया है। इससे स्पष्ट है कि नियमों के पालन में सबसे ज्यादा लापरवाही राजधानी में ही पाई गई है।
तीन श्रेणियों में हुई कार्रवाई
नोडल एजेंसी ने अस्पतालों को लापरवाही के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटकर कार्रवाई की है।
पहली श्रेणी में वे 21 अस्पताल शामिल हैं, जिन्होंने HEM 2.0 पोर्टल पर आवेदन ही नहीं किया। इन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
दूसरी श्रेणी में 12 अस्पताल ऐसे पाए गए जिन्होंने आवश्यक जानकारी अपडेट नहीं की और विभागीय क्वेरी का जवाब भी नहीं दिया। इन्हें तब तक निलंबित रखा जाएगा जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती।
तीसरी श्रेणी में 28 अस्पताल शामिल हैं, जिन्होंने अधूरी जानकारी के साथ आवेदन किया और बाद में उसे पूरा भी नहीं किया। इनके भुगतान और प्री-ऑथराइजेशन पर रोक लगा दी गई है।
रायपुर, दुर्ग और अन्य जिलों के अस्पताल शामिल
निलंबित अस्पतालों में रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बेमेतरा, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा और कोंडागांव के कई निजी अस्पताल शामिल हैं। अकेले रायपुर में दर्जनों अस्पताल इस कार्रवाई की जद में आए हैं।
नियमों की अनदेखी बनी कार्रवाई की वजह
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार सभी पंजीकृत अस्पतालों को HEM 2.0 पोर्टल पर पूरी जानकारी अपडेट करना और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य था। इसके लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी।
बार-बार रिमाइंडर दिए जाने के बावजूद कई अस्पतालों ने निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई।
एजेंसी की अपील
राज्य नोडल एजेंसी ने सभी पंजीकृत अस्पतालों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द HEM 2.0 पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट करें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
