महासमुंद, 12 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। अभियान के तहत लगभग 9 क्विंटल 96 किलो 660 ग्राम गांजा को विधिवत नष्ट किया गया। इस कार्रवाई के बाद तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों में हलचल तेज हो गई है।
जिला स्तरीय समिति की निगरानी में पूरी प्रक्रिया
यह पूरी कार्रवाई शासन के दिशा निर्देशों के तहत जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की देखरेख में संपन्न हुई। नष्टीकरण से पहले सभी जब्त सामग्री का भौतिक सत्यापन किया गया और प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया गया।
तीन मामलों से जब्त था गांजा
पुलिस के अनुसार यह गांजा कोमाखान थाना क्षेत्र में दर्ज तीन अलग अलग NDPS एक्ट मामलों से जब्त किया गया था। इनमें वर्ष 2025 का एक मामला और वर्ष 2026 के दो मामले शामिल हैं। इन मामलों में लंबे समय से कानूनी कार्रवाई चल रही थी।
बालाजी प्लांट में हुआ नष्टीकरण
नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया बालाजी प्लांट में संपन्न की गई। इस दौरान जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष यानी पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सभी की निगरानी में नियमानुसार गांजे को नष्ट किया गया।
लगभग 5 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री समाप्त
पुलिस के मुताबिक नष्ट किए गए गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इसे जिले में अब तक की बड़ी और प्रभावी कार्रवाईयों में से एक माना जा रहा है।
नशे के खिलाफ अभियान जारी रखने का संकल्प
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
