असम में विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच विवाद और बढ़ गया है। खेड़ा ने मुख्यमंत्री की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद सरमा ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद असम पुलिस मंगलवार को दिल्ली पहुंची और पवन खेड़ा के घर जांच-पड़ताल की।
कांग्रेस का आरोप: पुलिस कार्रवाई में अनियमितता
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पवन खेड़ा के घर से पेन ड्राइव जब्त की, जिसमें छेड़छाड़ की संभावना है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सरमा ने पहले गौरव गोगोई की पत्नी पर आरोप लगाए थे, उस समय पुलिस उनके घर नहीं गई थी बल्कि गौरव के खिलाफ एसआईटी बनाई गई थी। दीक्षित ने कहा कि पवन खेड़ा के घर रेड के दौरान प्रोटोकॉल का पालन भी नहीं हुआ।
पेन ड्राइव और दस्तावेजों पर संदेह
संदीप दीक्षित ने बताया कि पुलिस कार्रवाई के समय वहां केवल गार्ड और घरेलू कर्मचारी मौजूद थे, कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं था, फिर भी पेन ड्राइव और दस्तावेज जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लिखित में यह नहीं बताया कि पेन ड्राइव में क्या है, जिससे उसमें छेड़छाड़ की आशंका है। दीक्षित ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है और बीजेपी की शिकायत लेकर कांग्रेस आरएसएस दफ्तर तक जा सकती है।
कांग्रेस के गंभीर आरोप
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री सरमा और उनके परिवार पर कई वित्तीय आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि सरमा की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं और दुबई में दो संपत्तियां हैं। साथ ही, उनके परिवार की कंपनी का कारोबार लगभग 52 हजार करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने असम की संपत्तियों और संसाधनों का दोहन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पवन खेड़ा ने पेश किए सबूत
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पवन खेड़ा ने सभी आरोपों के साथ ठोस सबूत पेश किए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री इन सवालों का जवाब देने के बजाय गाली-गलौज पर उतर आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस दिल्ली आकर किसे डराने या धमकाने का प्रयास कर रही है।
सुप्रिया ने कहा कि असम की जनता मुख्यमंत्री सरमा के भ्रष्टाचार की हरकतों को जानती है और 9 अप्रैल को इसका हिसाब होगा। उनका मानना है कि सरमा की बौखलाहट और फिजूल बयान उनके आरोपों की गंभीरता को दर्शाते हैं।
