रायपुर, 09 अप्रैल। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने चर्चित प्रकरण में अमित बघेल को बड़ी राहत देते हुए तीन महीने की अंतरिम जमानत प्रदान की है। हालांकि अदालत ने इस राहत के साथ कड़ी शर्त भी लगाई है, जिसके तहत उन्हें इस अवधि में रायपुर जिले की सीमा से बाहर रहना होगा।
जमानत के साथ सख्त शर्तें लागू
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत के दौरान अमित बघेल रायपुर में निवास नहीं करेंगे। हालांकि उन्हें सुनवाई के लिए निर्धारित तारीखों पर अधीनस्थ न्यायालय में उपस्थित होने की छूट दी गई है। यह शर्त कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लगाई गई है।
कई थानों में दर्ज हैं एफआईआर
पूरा मामला वीआईपी चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा में तोड़फोड़ और उसके बाद हुए विवाद से जुड़ा है। इस घटनाक्रम के बाद तेलीबांधा थाना, कोतवाली थाना और देवेन्द्र नगर थाना समेत अलग-अलग थानों में कुल 14 एफआईआर दर्ज की गई थीं।
कोर्ट में दोनों पक्षों ने रखीं दलीलें
मामले की सुनवाई के दौरान अमित बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा। वहीं आपत्तिकर्ता की ओर से सुनील ओटवानी और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने अपनी दलीलें पेश कीं।
प्रतिमा तोड़फोड़ से भड़का था विवाद
घटना 26 अक्टूबर 2025 की है, जब वीआईपी चौक पर स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की गई थी। इसके अगले दिन अमित बघेल घटनास्थल पर पहुंचे, जहां विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
बयान के बाद बढ़ा विवाद, कई जगह विरोध
विवाद उस समय और गहरा गया जब अग्रवाल और सिंधी समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आई। इसके बाद राज्य सहित देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए और अलग-अलग स्थानों पर उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए।
फिलहाल राहत, लेकिन सुनवाई जारी
हाईकोर्ट से मिली इस अंतरिम जमानत के बाद अमित बघेल को फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई अभी जारी है। आने वाले समय में अदालत के अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
