अमेरिका-ईरान जंग पर बड़ा दावा! ट्रंप बोले ‘युद्ध खत्म’, ईरान ने किया सख्त खंडन, होर्मुज को लेकर भी बयान से मचा बवाल

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वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच चल रहा युद्ध अब खत्म हो चुका है और जल्द ही इस समझौते पर यूरोप में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। हालांकि ईरान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

ट्रंप का दावा, ‘युद्ध खत्म हो चुका है’

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक “शानदार समझौता” हो चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले सप्ताहांत में इस डील पर औपचारिक हस्ताक्षर हो जाएंगे।

ट्रंप के अनुसार, इस समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक के फिर से शुरू हो सकेगी।

पहले हमले की धमकी, फिर अचानक रुकने का आदेश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, समझौते से पहले ट्रंप ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने की बात कही थी। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने कथित तौर पर हमले रोकने का आदेश दे दिया, जिससे स्थिति और अधिक रहस्यमयी और अस्थिर हो गई।

38 बार जंग खत्म होने का दावा, उठ रहे सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी कई बार युद्ध खत्म होने का दावा कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस तरह के दावे लगभग 38 बार किए हैं, लेकिन हर बार स्थिति कुछ ही घंटों या दिनों में फिर बदल गई। इसी वजह से इस नए बयान पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।

ईरान का सख्त जवाब, ‘कोई अंतिम समझौता नहीं’

ईरान ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान का कहना है कि जब तक आधिकारिक रूप से दोनों पक्षों की तरफ से घोषणा नहीं होती, तब तक किसी भी तरह के समझौते की पुष्टि नहीं की जा सकती।

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव अभी समीक्षा के दौर में है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बयान से बढ़ी चिंता

ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने वाले बयान ने भी वैश्विक स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है। यह क्षेत्र दुनिया के तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, और यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।

अभी भी अनिश्चितता बरकरार

फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों के बयानों में विरोधाभास साफ दिखाई दे रहा है। एक तरफ ट्रंप युद्ध खत्म होने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान किसी भी अंतिम समझौते से इनकार कर रहा है। ऐसे में स्थिति अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और दुनिया की नजरें आगे होने वाले आधिकारिक ऐलानों पर टिकी हुई हैं।

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