पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने Strait of Hormuz में समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया। यह निर्णय ईरान के साथ परमाणु समझौते पर शांति वार्ता के विफल होने के कुछ घंटों बाद लिया गया।
CENTCOM ने नाकेबंदी का समय और दिशा-निर्देश जारी किया
United States Central Command ने घोषणा की कि नाकेबंदी आज सुबह 10 बजे (ईस्टर्न टाइम) से लागू होगी। इसके तहत ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले सभी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगेगी। यह प्रतिबंध अरब सागर और ओमान की खाड़ी के सभी तटीय क्षेत्रों पर प्रभावी होगा।
नाविकों के लिए सुरक्षा निर्देश
CENTCOM ने स्पष्ट किया कि गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों की आवाजाही पर रोक नहीं है। वाणिज्यिक जहाजों को औपचारिक सूचना दी जाएगी और उन्हें ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई।
ट्रंप का कड़ा संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिए गए हैं कि ईरान को टोल भुगतान करने वाले किसी भी जहाज को रोक दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे जहाजों को सुरक्षित मार्ग नहीं मिलेगा और अन्य देश भी इस नाकेबंदी में अमेरिका का समर्थन कर सकते हैं।
वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट विश्व की महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
क्षेत्र में बढ़ता हिंसा और जनहानि
ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष में हजारों लोग मारे जा चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार ईरान में करीब 3,000, लेबनान में 2,000 से अधिक और इजराइल में भी कई लोग प्रभावित हुए हैं। खाड़ी देशों में जनहानि और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी का असर
इस नाकेबंदी से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। पश्चिम एशिया में हालात और तनावपूर्ण होने की संभावना बढ़ गई है।
