बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में सांप के काटने से महाराष्ट्र निवासी युवक की मौत के मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट ने उसके परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मृतक दूसरे राज्य का निवासी था, केवल इस आधार पर परिवार का मुआवजा दावा खारिज नहीं किया जा सकता।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने कलेक्टर राजनांदगांव को आदेश की प्रति मिलने के 60 दिनों के भीतर पात्र परिजन को सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने तहसीलदार के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें महाराष्ट्र का निवासी होने के आधार पर मुआवजे का दावा खारिज किया गया था।
खैरागढ़ के नवागांव कला में हुई थी घटना
मामला महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कलमना क्षेत्र के धरमनगर निवासी लक्ष्मीनाथ चकोले के बेटे निकेश चकोले की मौत से जुड़ा है। निकेश की 14 जून 2021 को तत्कालीन राजनांदगांव जिले की खैरागढ़ तहसील के नवागांव कला में जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाएं हाथ पर सांप के काटने और दम घुटने से मौत की पुष्टि का उल्लेख किया गया था।
निवास के आधार पर दावा खारिज करना गलत
घटना के बाद पिता ने मुआवजे के लिए आवेदन दिया था, लेकिन तहसीलदार ने 20 जून 2022 को यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि मृतक महाराष्ट्र का निवासी था।
हाई कोर्ट ने कहा कि घटना छत्तीसगढ़ में हुई थी और केवल निवास के आधार पर दावा खारिज करना उचित नहीं था। अब कलेक्टर को पात्र परिजन की पहचान और भुगतान की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। मुआवजे की पात्रता पर दोबारा विचार नहीं किया जा सकेगा।
