छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दिसंबर से 40 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। केंद्र सरकार से स्वीकृत इन बसों में 20 बड़ी और 20 मिनी ई-बसें शामिल हैं। नगर निगम ने इनके रूट चार्ट तैयार कर लिए हैं। नई सेवा से शहर के साथ उपनगरीय इलाकों और पर्यटन स्थलों तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी।
ई-बसों का संचालन सतरेंगा, मड़वारानी और कोसगाई जैसे पर्यटन स्थलों तक किया जाएगा। सतरेंगा के आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के सिलसिले में कोरबा शहर आना-जाना आसान हो सकेगा।
शहर की कॉलोनियों और संकरी सड़कों पर 20 मिनी बसें चलाई जाएंगी। इनके रूट में रविशंकर शुक्ल नगर, आरपी नगर, एमपी नगर और टीपी नगर के भीतरी इलाके शामिल हैं। इसके अलावा बांकीमोंगरा, दीपका, बालको और हरदीबाजार को भी बस सेवा से जोड़ने की योजना है।
बसों के रूट इस तरह तय किए गए हैं कि पीएम स्कूल, पीजी कॉलेज, कमला नेहरू महाविद्यालय, मिनीमाता महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और रेलवे स्टेशन तक पहुंच आसान हो। नगर निगम के मुताबिक, एक बार फुल चार्ज होने पर एक बस करीब 200 किलोमीटर चल सकेगी। सभी बसों का रोजाना कुल संचालन लगभग 400 किलोमीटर तक प्रस्तावित है।
दर्री स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड में करीब 1.54 करोड़ रुपये की लागत से चार्जिंग सब स्टेशन बनाया जा रहा है। इसका काम लगभग पूरा हो चुका है। बसों के रखरखाव के लिए वर्कशॉप और प्रशासनिक भवन भी तैयार किए जा रहे हैं।
नगर निगम का कहना है कि ई-बसों से डीजल की खपत और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही सार्वजनिक परिवहन बेहतर होने से निजी वाहनों पर निर्भरता घट सकती है
