छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निश्शुल्क आवासीय कोचिंग दी जाएगी। जिला प्रशासन की दिशा परियोजना के तहत वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं की मेधा सूची में स्थान पाने वाले 150 विद्यार्थियों को जेईई और नीट की तैयारी का अवसर मिलेगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने चयनित विद्यार्थियों और उनके पालकों के साथ बैठक कर परियोजना की जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, पढ़ाई की व्यवस्था, आवासीय सुविधाओं और आगे की उच्च शिक्षा से जुड़े पहलुओं के बारे में बताया गया।
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगी मदद
जिला प्रशासन के मुताबिक, जिन चयनित विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम है या जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से आते हैं, उन्हें निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन होने पर उनकी आगे की पढ़ाई का खर्च भी प्रशासन द्वारा वहन किए जाने की जानकारी दी गई है।
कलेक्टर ने दिया सफलता का मंत्र
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने, नियमित अध्ययन करने और समय का सही उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कठिन विषयों पर विशेष ध्यान, लगातार अभ्यास और अनुशासित दिनचर्या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पालकों से भी बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल देने की अपील की।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन सहित शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और पालक मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने समाधान किया।
दिशा परियोजना का उद्देश्य जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना और आर्थिक स्थिति को उनकी पढ़ाई में बाधा बनने से रोकना है।
