अंबिकापुर | छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 200 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में छात्रों को नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमिता के जरिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के सहायक प्रबंधक सर्वोदय कुमार साहू और प्रबंधक अश्विनी शुक्ला ने विद्यार्थियों को नए विचारों को व्यावसायिक रूप देने के बारे में जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। समस्याओं को समझकर उनके व्यावहारिक और किफायती समाधान तलाशना भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि नवाचार का मतलब केवल नई मशीन या उत्पाद तैयार करना नहीं है। किसी मौजूदा सेवा, प्रक्रिया या व्यवसाय को अधिक सरल और प्रभावी बनाना भी नवाचार का हिस्सा है। विद्यार्थियों के छोटे विचार भी भविष्य में बड़े व्यवसाय का आधार बन सकते हैं।
सरगुजा में उद्यमिता की संभावनाएं
कार्यक्रम में सरगुजा क्षेत्र के स्थानीय संसाधनों को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया। वक्ताओं के अनुसार, कृषि, वनोपज, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उद्यम शुरू करने की संभावनाएं हैं।
छात्रों से कहा गया कि वे केवल नौकरी पाने तक अपनी सोच सीमित न रखें, बल्कि ऐसे व्यवसाय विकसित करने की दिशा में काम करें, जिनसे दूसरे लोगों को भी रोजगार मिल सके। इसके लिए बाजार की मांग, लागत, गुणवत्ता, ग्राहक संतुष्टि और वित्तीय प्रबंधन की समझ जरूरी बताई गई।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसएन पांडेय सहित शिक्षक और अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।
