कांग्रेस कार्यकारिणी पर मचा घमासान, पीसी शर्मा ने उठाए सवाल, बोले, संघर्ष करने वालों की हुई अनदेखी

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भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई भोपाल जिला कार्यकारिणी घोषित होने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। 52 पदाधिकारियों वाली कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। अब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी असंतुष्ट कार्यकर्ताओं के समर्थन में उतर आए हैं।

उन्होंने नई कार्यकारिणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के लिए लगातार संघर्ष करने वाले और आंदोलनों में सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

संघर्ष करने वालों को नहीं मिली जगह

मीडिया से बातचीत के दौरान पीसी शर्मा ने कहा कि नई जिला कार्यकारिणी को लेकर उन्हें कई कार्यकर्ताओं के फोन आए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के लिए धरना-प्रदर्शन किए, जेल गए और लगातार संगठन के लिए संघर्ष किया, उन्हें नई टीम में शामिल नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि ऐसे सक्षम और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी से संगठन के भीतर निराशा का माहौल है। उनका मानना है कि यदि इन लोगों को उचित स्थान नहीं दिया गया तो यह संगठन के लिए एक नकारात्मक संदेश साबित होगा।

निर्मला सप्रे मामले पर विधानसभा अध्यक्ष से की कार्रवाई की मांग

निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता से जुड़े मामले पर भी पीसी शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मामला अब विधानसभा अध्यक्ष के पास है और उन्हें इस पर उचित निर्णय लेना चाहिए।

उनका कहना था कि यदि संबंधित विधायक दूसरी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं तो विधानसभा अध्यक्ष को इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोबारा चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा।

कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना

पीसी शर्मा ने उज्जैन में मोहर्रम के दौरान कार में हुए विस्फोट और प्रदेश में हाल की अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका आरोप था कि पुलिस अपराध रोकने की बजाय अधिकतर समय यातायात चालान और अन्य कार्रवाई में व्यस्त दिखाई देती है, जबकि संवेदनशील घटनाओं को रोकने के लिए पहले से प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

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