पश्चिम बंगाल में TMC में बड़ा सियासी भूचाल, बागी गुट ने ममता बनर्जी को चेयरमैन पद से हटाया, नई कार्यसमिति का किया ऐलान

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी घमासान अब और तेज हो गया है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद शुरू हुआ अंदरूनी संकट अब नेतृत्व परिवर्तन तक पहुंच गया है। बागी गुट ने दावा किया है कि उसने पार्टी की नई कार्यसमिति का गठन करते हुए ममता बनर्जी को चेयरमैन और अभिषेक बनर्जी को जनरल सेक्रेटरी के पद से हटा दिया है। उनकी जगह नई टीम का भी ऐलान कर दिया गया है।

अरूप रॉय बने चेयरमैन, कई वरिष्ठ नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी

बागी गुट की ओर से गठित नई कार्यसमिति में अरूप रॉय को चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास और रथीन घोष को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं ऋतब्रत बनर्जी, संदीपन और जावेद खान को महासचिव नियुक्त किया गया है। यह फैसला विधानसभा सत्र के बाद हुई बागी नेताओं की बैठक में लिया गया।

बैठक में शामिल हुए दर्जनों विधायक और सैकड़ों नेता

बागी गुट का दावा है कि बैठक में करीब 60 विधायक, 16 जिला अध्यक्ष, 60 से 70 पूर्व पार्षद और पार्टी के लगभग 500 नेता मौजूद रहे। इसी बैठक में 30 सदस्यीय कार्यसमिति गठित की गई, जिसने संगठन में बड़े बदलावों पर मुहर लगाई।

अब पार्टी के बैंक खातों और संगठन पर नजर

नई कार्यसमिति बनाने के बाद बागी गुट ने संकेत दिए हैं कि अगला कदम पार्टी के संगठनात्मक और वित्तीय ढांचे को लेकर होगा। गुट का कहना है कि पार्टी के बैंक खातों सहित अन्य प्रशासनिक मामलों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। साथ ही अगले 21 दिनों के भीतर विभिन्न फ्रंटल संगठनों के गठन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

‘हम ही असली तृणमूल कांग्रेस’ का दावा

बागी नेताओं का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम किया है, इसलिए वही ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका कहना है कि वे जल्द ही अपने दावे को लेकर निर्वाचन आयोग का भी रुख करेंगे।

ममता समर्थकों ने दावों को किया खारिज

वहीं ममता बनर्जी के समर्थक नेताओं ने बागी गुट के दावों को सिरे से नकार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस की पहचान ममता बनर्जी से है और उनके बिना पार्टी की कल्पना नहीं की जा सकती। उनका आरोप है कि बागी गुट का यह कदम संगठन को कमजोर करने की कोशिश है।

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