रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद प्रदेश के कई जिलों में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर 1000 रुपये का आंकड़ा पार कर गया है।
तीन महीने में दूसरी बार बढ़े सिलेंडर के दाम
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए यह साल लगातार महंगा साबित हो रहा है। इससे पहले 7 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। अब 29 रुपये की नई बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2026 में अब तक घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपये महंगा हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की बढ़ती कीमतों का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में कई जिलों में सिलेंडर 1030 रुपये के करीब
ताजा दरों के बाद प्रदेश के कई शहरों में गैस सिलेंडर की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं।
- रायपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर लगभग 1013 रुपये का हो गया है।
- दुर्ग, जांजगीर-चांपा और बेमेतरा में इसकी कीमत करीब 1030.50 रुपये दर्ज की गई है।
- बिलासपुर में भी उपभोक्ताओं को लगभग 1030 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
- बस्तर जिले में अपेक्षाकृत राहत है, जहां सिलेंडर की कीमत करीब 966.50 रुपये बताई जा रही है, जो प्रदेश में सबसे कम मानी जा रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं गैस सिलेंडर के दाम?
तेल और गैस कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की लागत लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को नियंत्रित दरों पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनियों के अनुसार लागत और बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते अंतर के कारण उन्हें लगातार आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।इसी वजह से कीमतों में संशोधन करना आवश्यक हो गया है, ताकि बढ़ती लागत की आंशिक भरपाई की जा सके।
घरेलू बजट पर बढ़ेगा असर
रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ने वाला है। पहले से बढ़ती खाद्य सामग्री, बिजली, परिवहन और अन्य आवश्यक खर्चों के बीच गैस सिलेंडर महंगा होने से घरेलू खर्च और बढ़ने की आशंका है।
महंगाई के दौर में उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता
पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ना आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उपभोक्ताओं को अब उम्मीद है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आने पर गैस की कीमतों में राहत मिल सकेगी।
