छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड व्यवस्था हुई डिजिटल, अब घर बैठे बनेगा कार्ड और जुड़ेगा नाम…सेवा सेतु पोर्टल से मिलेगी बड़ी राहत

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कोरबा। राशन कार्ड बनवाना या उसमें नए परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ना अब पहले जितना जटिल काम नहीं रहेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाते हुए सेवा सेतु पोर्टल के जरिए ऑनलाइन सुविधा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस नई व्यवस्था के बाद लोगों को नगर निगम, जनपद पंचायत या जिला कार्यालयों के चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा।

सेवा सेतु पोर्टल से घर बैठे होंगे सभी काम

छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा तैयार किए गए सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब नागरिक मोबाइल या कंप्यूटर से ही राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह सुविधा लोक सेवा केंद्रों, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में भी उपलब्ध होगी।पहले जहां राशन कार्ड से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी तरह ऑफलाइन थीं, वहीं अब पूरा सिस्टम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जा रहा है।

आवेदन से लेकर स्वीकृति तक सब कुछ ऑनलाइन ट्रैकिंग के साथ

नई व्यवस्था के तहत आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। राशन कार्ड स्वीकृत होने के बाद उसकी पीडीएफ कॉपी पोर्टल पर उपलब्ध होगी, जिसे लोग घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं या लोक सेवा केंद्र से प्रिंट निकाल सकते हैं।इस बदलाव से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की भी बचत होगी।

गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत, मिलता है 35 किलो चावल

बीपीएल श्रेणी के राशन कार्डधारी परिवारों को सरकार की ओर से प्रति कार्ड 35 किलो चावल उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही चना और शक्कर भी वितरित की जाती है। हालांकि कई बार सप्लाई में बाधा आने से इनका वितरण प्रभावित हो जाता है।राशन कार्ड गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा माना जाता है, जिसके कारण इसकी प्रक्रिया में बदलाव को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार बदलने पर भी आसान होगी अपडेट प्रक्रिया

परिवार में नए सदस्य के जन्म, किसी सदस्य की मृत्यु या परिवार के बंटवारे जैसी स्थितियों में अब नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी। नई डिजिटल व्यवस्था के बाद लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी

राशन कार्ड के लिए आवेदन करते समय आवेदक को कुछ जरूरी दस्तावेज देने होंगे।

परिवार के मुखिया और सभी सदस्यों का आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र जैसे बिजली बिल, वोटर आईडी या स्थानीय प्रमाण
मुखिया का बैंक खाता विवरण
मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटो

इसके अलावा पात्रता के आधार पर कार्ड के प्रकार भी तय किए जाएंगे जैसे अंत्योदय, बीपीएल, एपीएल, निशक्तजन और निराश्रित श्रेणी के कार्ड।

डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता और गति

सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से न केवल प्रक्रिया तेज होगी बल्कि भ्रष्टाचार और देरी पर भी रोक लगेगी। सेवा सेतु पोर्टल के जरिए पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

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