PUMA ब्रांड के नाम पर बिक रहे थे कथित फर्जी जूते-चप्पल, रायपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई…618 जोड़ी फुटवियर जब्त

3 Min Read

रायपुर। राजधानी रायपुर में नामी स्पोर्ट्स फुटवियर ब्रांड के नाम पर कथित तौर पर नकली उत्पाद बेचने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने माना थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो दुकानों पर छापेमारी की और बड़ी मात्रा में संदिग्ध फुटवियर जब्त किए। मामले में दो कारोबारियों के खिलाफ कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन का प्रकरण दर्ज किया गया है।

ब्रांड की पहचान की नकल कर बेचे जा रहे थे उत्पाद

पुलिस के अनुसार बाजार में ऐसे जूते-चप्पल बेचे जा रहे थे, जिन पर प्रसिद्ध ब्रांड PUMA के लोगो और डिजाइन से मिलते-जुलते चिन्हों का उपयोग किया गया था। इससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने और ब्रांड की पहचान का दुरुपयोग होने की आशंका जताई गई।

कंपनी प्रतिनिधि की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

मामले की शुरुआत तब हुई जब कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि गौरव श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि माना क्षेत्र की कुछ दुकानों में ब्रांड से मिलते-जुलते चिन्हों और डिजाइन वाले फुटवियर बेचे जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर संबंधित प्रतिष्ठानों की पड़ताल की।

दो दुकानों पर छापा, 618 जोड़ी फुटवियर जब्त

जांच के दौरान पुलिस ने राज फुटवियर और कलकत्ता बूट हाउस नामक दुकानों में दबिश दी। तलाशी के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 618 जोड़ी ऐसे फुटवियर बरामद किए गए, जिन पर ब्रांड से मिलते-जुलते लोगो और डिजाइन पाए गए। प्रारंभिक जांच में इन्हें संदिग्ध और अनधिकृत उत्पाद माना गया है।

कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन का केस दर्ज

पुलिस ने जब्त किए गए सामान को अपने कब्जे में लेकर दोनों कारोबारियों के खिलाफ कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानून से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अब सप्लाई चेन की होगी जांच

मामले में केवल दुकानदारों की भूमिका ही नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध फुटवियर कहां से मंगाए गए थे और इनके निर्माण व वितरण के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

नकली ब्रांडिंग पर कानून सख्त

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किसी प्रतिष्ठित ब्रांड के लोगो, डिजाइन या पहचान की नकल कर उत्पाद बेचना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

दस्तावेजों की भी हो रही जांच

फिलहाल पुलिस जब्त किए गए फुटवियर के साथ संबंधित खरीद-बिक्री दस्तावेजों और व्यापारिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

Share this Article