6 जून 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए गए, जिनमें किसी बड़े बदलाव की खबर नहीं आई। लंबे समय से बढ़ती कीमतों के बाद यह स्थिरता आम उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत लेकर आई है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार चढ़ाव ने भविष्य को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है।
पिछले दिनों की बढ़ोतरी का असर अब भी जारी
बीते कुछ हफ्तों में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई थी, जिससे कई शहरों में पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए। इस बार कीमतों में स्थिरता दिखी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले दिनों में फिर बदलाव संभव है और बाजार पर दबाव बना रह सकता है।
चुनाव बाद बढ़ोतरी का सिलसिला और तेज रफ्तार
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने दाम बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी। केवल 11 दिनों में चार बार कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई।
15 मई 2026 को पेट्रोल में 3 रुपये और डीजल में 3.29 रुपये की बढ़ोतरी हुई।
19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ।
23 मई को फिर पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गया।
इस लगातार बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं के बजट पर सीधा असर डाला है।
चारों महानगरों में पेट्रोल की कीमतें
देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के रेट इस प्रकार दर्ज किए गए हैं
दिल्ली में 102.12 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता में 113.51 रुपये प्रति लीटर
मुंबई में 111.21 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई में 107.77 रुपये प्रति लीटर
लगातार ऊंचे दामों ने परिवहन लागत और रोजमर्रा के खर्चों पर दबाव बढ़ा दिया है।
डीजल की कीमतों में भी मजबूती का रुख
डीजल के दाम भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में 99.02 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
कच्चे तेल का वैश्विक असर और बाजार की चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका मुख्य कारण है। हाल के भू राजनीतिक तनावों के चलते क्रूड ऑयल में तेज उछाल देखा गया है, जिससे तेल कंपनियों की लागत बढ़ी है। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल पर पड़ रहा है और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
