अमेरिका : अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान के तहत एक बार फिर बड़ा एक्शन देखने को मिला है। इस बार अमेरिकी एजेंसियों ने कमर्शियल ट्रक ड्राइविंग सेक्टर को निशाना बनाते हुए करीब 30 भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया है। ये सभी लोग कथित तौर पर देश में अवैध रूप से रहकर ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे।
ऑपरेशन चेकमेट के तहत कार्रवाई तेज
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई ऑपरेशन चेकमेट के तहत की गई है, जिसे अवैध प्रवास और नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान कुल 52 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 36 लोग ट्रक ड्राइविंग से जुड़े पाए गए।इनमें से करीब 30 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जो सबसे बड़ा समूह बताया जा रहा है। अब इन सभी के खिलाफ डिपोर्टेशन यानी निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बिना वैध दस्तावेजों के काम करने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार कई लोगों के पास या तो पुराने और अमान्य वर्क परमिट थे या फिर वे वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना ट्रक चला रहे थे। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इस तरह की स्थिति सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।इसी वजह से ट्रकिंग सेक्टर में अवैध रूप से काम कर रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
भारतीय ड्राइवर पहले भी निशाने पर
यह कोई पहला मामला नहीं है जब भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर अमेरिका में कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।मार्च 2026 में एरिजोना में 11 भारतीय ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार किए गए थेदिसंबर 2025 में कैलिफोर्निया और अन्य इलाकों में 30 भारतीय नागरिक ट्रक चलाते हुए पकड़े गए थे इन सभी मामलों में जांच के दौरान अवैध प्रवास और दस्तावेजों की अनियमितता सामने आई थी।
ट्रकिंग सेक्टर पर बढ़ी निगरानी
अमेरिकी एजेंसियों ने पिछले कुछ समय से ट्रकिंग उद्योग में विदेशी श्रमिकों की निगरानी बढ़ा दी है। कई राज्यों में चलाए गए अभियानों के दौरान ट्रकिंग कंपनियों की भी जांच की गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अवैध तरीके से ड्राइवरों को रोजगार तो नहीं दिया जा रहा।
इमिग्रेशन सख्ती के पीछे नीति बदलाव
विशेषज्ञों के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान शुरू हुई सख्त इमिग्रेशन नीति का असर अब भी देखा जा रहा है। अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को तुरंत हिरासत में लेकर डिपोर्ट किया जा रहा है।
आगे क्या होगा
फिलहाल हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिकों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अगर दस्तावेज और वैधता साबित नहीं होती है, तो इन्हें जल्द ही अमेरिका से निर्वासित किया जा सकता है।
