बिलासपुर : चल रहे सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। यहां कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बीच मंच के सामने तीखी बहस हो गई। स्थिति इतनी बढ़ गई कि कार्यक्रम स्थल पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
जनता की समस्याओं पर चर्चा से शुरू हुआ विवाद तक पहुंचा मामला
गोड़ी पंचायत में आयोजित इस शिविर में सड़क, नाली, बिजली और पानी जैसी मूलभूत समस्याओं पर ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत विवाद में बदल गई, जिससे कार्यक्रम का माहौल अचानक गरमा गया।
दुर्ग में अफसर और नेता आमने सामने, जनसमस्याओं के बीच तीखी बहस
दूसरे मामले में दुर्ग जिले के सुशासन तिहार शिविर में भी तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। यहां जनपद सीईओ और भाजपा नेता के बीच सामुदायिक भवन की राशि को लेकर सवाल जवाब हुए, जो बहस में बदल गए। आरोप है कि जानकारी न मिलने पर स्थिति और बिगड़ गई और मौके पर मौजूद लोग भी असहज हो गए।
कोरबा में रिश्वत कांड का खुलासा, एसीबी की बड़ी कार्रवाई
तीसरा मामला कोरबा से सामने आया है, जहां एक सरकारी शिविर के दौरान रिश्वत लेते हुए सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोप है कि जीपीएफ पासबुक एंट्री के बदले 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
शिविरों पर सवाल, सुशासन की छवि पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सुशासन तिहार कार्यक्रम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं नेताओं के बीच टकराव, तो कहीं अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप ने पूरे अभियान की पारदर्शिता पर चर्चा तेज कर दी है।
जनता की उम्मीदें और प्रशासनिक चुनौती, बढ़ी जवाबदेही की मांग
इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों देखी जा रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे शिविरों में व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जाए ताकि जनसमस्याओं का समाधान विवाद और भ्रष्टाचार के बजाय वास्तविक रूप से हो सके।
