रायपुर। आगामी ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के त्योहार को देखते हुए छत्तीसगढ़ में प्रशासन और राज्य वक्फ बोर्ड पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। राज्य में कानून व्यवस्था, स्वच्छता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए विस्तृत और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
नियम तोड़ने पर 50 हजार तक जुर्माना, कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
वक्फ बोर्ड ने साफ किया है कि जारी गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मनाने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर पूरा खाका तैयार किया गया है।
सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर पूरी तरह रोक
गाइडलाइन के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक स्थान, सड़क, मैदान या खुले क्षेत्र में कुर्बानी देना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के भीतर ही की जा सकेगी।
प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय स्वच्छता बनाए रखने और अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम को विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नमाज के लिए तय किया गया समय, सड़कों पर रोक जारी
प्रदेशभर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज का समय सुबह 6 बजे से 11 बजे तक अलग-अलग शिफ्टों में निर्धारित किया गया है। वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस बार भी सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
डीजे और तेज आवाज पर भी सख्ती
त्योहार के दौरान डीजे और निर्धारित सीमा से अधिक आवाज वाले साउंड सिस्टम पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। नियमों के पालन के लिए पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करेंगी और गश्त करेंगी।
शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शांति, भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं और प्रशासन द्वारा तय किए गए नियमों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
