रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में ग्रीष्म लहर यानी हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है।राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में दिन के समय हालात बेहद कठिन बने हुए हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
राजनांदगांव में 46 डिग्री तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड
शनिवार को प्रदेश का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलते नजर आए।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज और यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। जिन जिलों में ग्रीष्म लहर का खतरा जताया गया है उनमें बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बालोद और खैरागढ़-छुईखदान-गंड़ाई शामिल हैं।इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर-पश्चिम से आ रही गर्म हवाएं बढ़ा रहीं तापमान
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण बना हुआ है। वहीं दक्षिण-पश्चिम बिहार से उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक एक द्रोणिका सक्रिय है, जो छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है।इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम दिशा से लगातार गर्म और शुष्क हवाओं का प्रवेश हो रहा है, जिससे अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
5 दिन बाद मिल सकती है राहत
मौसम विभाग का अनुमान है कि फिलहाल अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा और गर्मी का असर जारी रहेगा। हालांकि इसके बाद तापमान में हल्की गिरावट और गर्म हवाओं से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है।विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
