उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सेंगर की राहत पर रोक

2 Min Read

नई दिल्ली। 2017 के बहुचर्चित उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद सजा को निलंबित करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर कानूनी बहस के केंद्र में आ गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट को इस केस पर दो महीने के भीतर दोबारा सुनवाई करनी होगी। साथ ही निर्देश दिया कि नया फैसला पूरी तरह स्वतंत्र हो। सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश का कोई असर उस पर न पड़े। यानी मामले को नए सिरे से देखा जाएगा।

यह फैसला CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनाया। इससे पहले CBI की अपील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई थी।

क्या था पूरा मामला

जून 2017 में उन्नाव में एक नाबालिग लड़की ने तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता ने कहा था कि नौकरी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। शुरुआत में मामला दर्ज नहीं हुआ।

लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की। इसके बाद 9 अप्रैल 2018 को मामला दर्ज किया गया।

इसी दौरान पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। मामले ने बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया।

जांच और सजा

मामला CBI को सौंपा गया। जांच के बाद कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार किया गया। 2019 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्हें नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। पीड़िता के पिता की मौत के मामले में भी उन्हें 10 साल की अतिरिक्त सजा दी गई। इस केस में आगे क्या फैसला आता है, इस पर अब सबकी नजर दिल्ली हाई कोर्ट की नई सुनवाई पर टिकी है।

Share this Article