Wheat Procurement: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी ने बनाया रिकॉर्ड, 9 लाख से ज्यादा किसानों को मिला फायदा

4 Min Read

मध्य प्रदेश : गेहूं खरीदी का काम तेजी से जारी है। राज्य में अब तक 9 लाख 9 हजार किसानों से 53 लाख 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। सरकार ने किसानों को राहत देने और प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बड़े फैसले भी लिए हैं।यह जानकारी प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री Govind Singh Rajput ने गुरुवार को दी।

रात 10 बजे तक बनेगी तौल पर्ची

सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तौल पर्ची बनाने का समय बढ़ा दिया है। अब शाम 6 बजे की जगह रात 10 बजे तक तौल पर्ची जारी की जा सकेगी। वहीं भुगतान संबंधी देयक जारी करने का समय भी बढ़ाकर रात 12 बजे तक कर दिया गया है।

प्रदेश में गेहूं उपार्जन का काम सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है।

14 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया स्लॉट बुक

मंत्री राजपूत के मुताबिक अब तक 14 लाख 81 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक कराया है। किसानों की मांग और सुविधा को देखते हुए गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी गई है।

उपार्जन केंद्रों पर बढ़ाए गए तौल कांटे

खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर जिलों को और अधिक तौल कांटे बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है।इसके साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता बढ़ाई गई है ताकि स्लॉट बुकिंग और खरीदी प्रक्रिया में तकनीकी परेशानी न हो। खाद्य विभाग लगातार प्रति घंटे खरीदी और स्लॉट बुकिंग की मॉनिटरिंग कर रहा है।

किसानों को मिला 9500 करोड़ से ज्यादा भुगतान

सरकार की ओर से अब तक किसानों को 9525.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है।

खरीदी केंद्रों पर बढ़ाई गई व्यवस्थाएं

मंत्री ने बताया कि गेहूं की तौल और भंडारण में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्रों पर बारदाना, तौल कांटे, हम्माल, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और गुणवत्ता जांच उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

इसके अलावा गेहूं की सफाई के लिए पंखा और छन्ना जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। केंद्रों पर मौजूद सुविधाओं के फोटो भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं।

2625 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा किसानों को भाव

प्रदेश में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है। इस तरह किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर मिल रही है।सरकार ने भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने का दावा किया है ताकि खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित रखा जा सके।

Share this Article