मुंबई का चर्चित वीडियो विवाद…आरोपों के बीच रूपाली चाकणकर का कड़ा जवाब

3 Min Read

मुंबई, 16 अप्रैल। मुंबई में सुर्खियों में बने बाबा अशोक खरात प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता रूपाली चाकणकर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और मानहानिकारक बताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीते 28 दिनों से उनके और उनके परिवार को निशाना बनाकर एक सुनियोजित साजिश चलाई जा रही है, जिसका मकसद केवल उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है।

जांच जारी, लेकिन ठोस सबूत अब तक नहीं

चाकणकर ने अपने बयान में यह भी कहा कि अब तक किसी भी जांच एजेंसी को उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। इसके बावजूद कुछ वर्ग और मीडिया के हिस्से इस मामले को लगातार उछाल रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में स्वयंभू बाबा अशोक खरात फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न व धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों की जांच चल रही है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है और कई ठिकानों पर कार्रवाई कर चुका है।

वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद और राजनीतिक दबाव

मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब कुछ वीडियो सार्वजनिक हुए, जिनमें चाकणकर कथित रूप से खरात के पैर धोते नजर आईं। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई। बढ़ते दबाव के बीच उन्हें महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा। जांच एजेंसियों ने मामले में उनके परिवार को भी शामिल करते हुए उनकी बहन से पूछताछ की है और बैंक लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

गुमनाम पत्र की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

चाकणकर ने इस पूरे विवाद की जड़ माने जा रहे गुमनाम पत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिना किसी पहचान वाले पत्र के आधार पर आरोप लगाना दुर्भावनापूर्ण है। उनके अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि ऐसे गुमनाम पत्र कानूनी रूप से मान्य नहीं होते और इन्हें जांच का ठोस आधार नहीं माना जा सकता।

सच्चाई सामने आने का भरोसा जताया

अंत में रूपाली चाकणकर ने दोहराया कि उनका या उनके परिवार का इस पूरे मामले से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।

Share this Article