सक्ती/रायगढ़ | Sakti जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 तक पहुंच गई है, जबकि दर्जनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं।
अस्पताल में इलाज के दौरान बढ़ी मौतों की संख्या
ताजा जानकारी के अनुसार, रायगढ़ के ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान तीन और मजदूरों की मौत हो गई। इससे पहले भी कई घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मृतकों में अधिकतर श्रमिक पश्चिम बंगाल से बताए जा रहे हैं।
अचानक बॉयलर फटने से मचा हड़कंप
यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित प्लांट में हुआ। अचानक बॉयलर फटने से जोरदार धमाका हुआ और पूरे परिसर में अफरा तफरी मच गई। कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों की हालत गंभीर, बढ़ सकती है मौतों की संख्या
वर्तमान में 26 से अधिक घायल मजदूर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। कई की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
परिजनों का हंगामा, प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया। लोगों ने एंबुलेंस रोककर घायलों से मिलने की मांग की और प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्लांट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें न तो सही जानकारी दी जा रही है और न ही घायलों तक पहुंचने दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग उठाई है।
मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
Vishnu Deo Sai ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही सभी घायलों के निशुल्क इलाज के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के आदेश, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा
सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में बढ़ाई गई व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। अतिरिक्त एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि घायलों के इलाज में कोई कमी न रहे।
बड़ा औद्योगिक हादसा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के साथ जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
