महेश्वर, 12 अप्रैल। महाकुंभ के दौरान वायरल हुई ‘मोनालिसा’ से जुड़ा मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। शादी के बाद सामने आए नए खुलासों में जन्म प्रमाण पत्र की सत्यता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जिसके चलते प्रशासनिक और कानूनी जांच तेज हो गई है।
जांच में जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने का दावा
जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र जांच में संदिग्ध और कथित रूप से फर्जी पाया गया है। दस्तावेज में मोनालिसा का जन्म वर्ष 2008 दर्ज था, जबकि अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार वास्तविक जन्म 30 दिसंबर 2009 बताया जा रहा है। इस अंतर ने पूरे मामले को और उलझा दिया है।
CMO का तबादला और दस्तावेज निरस्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए महेश्वर नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रियंक पांड्या का तबादला धामनोद नगर परिषद कर दिया गया है। साथ ही विवादित जन्म प्रमाण पत्र को भी निरस्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इसी दस्तावेज के आधार पर केरल में फरमान खान के साथ विवाह हुआ था, जिसके बाद यह विवाद और बढ़ गया।
अस्पताल रिकॉर्ड से सामने आई जन्म की जानकारी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड के अनुसार, मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 बजे सामान्य प्रसव के जरिए हुआ
