अमेरिका : और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच ईरान युद्ध और खाड़ी क्षेत्र से तेल-गैस आपूर्ति को लेकर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका ने इस संकट पर सैन्य विकल्प अपनाने का इशारा किया है, जबकि यूरोपीय देश बातचीत और आर्थिक दबाव को बेहतर तरीका मानते हैं।
- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट कहा कि यह उनका अभियान नहीं है और अमेरिका को अकेले कार्रवाई करनी चाहिए।
- अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में बढ़ती दूरी स्पष्ट है, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के भविष्य पर भी सवाल उठाए हैं।
खाड़ी क्षेत्र में स्थिति
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की पकड़ मजबूत है।
- कुछ देशों को ही सीमित रूप से गुजरने की अनुमति है, और शुल्क लेने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
- अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि अगर आवश्यक हुआ तो वह स्वयं इस मार्ग को खोल सकता है, लेकिन नीति में असमंजस दिखाई दे रहा है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
- ब्रिटेन ने 40 से अधिक देशों की बैठक बुलाई, जिसमें व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को बहाल करने पर चर्चा हुई।
- संयुक्त राष्ट्र ने खाद, अनाज और जरूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीम बनाई है।
- बहरीन ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव पेश किया, लेकिन चीन का विरोध सामने आया।
मानवीय और आर्थिक चिंता
- खाड़ी क्षेत्र के बंद होने से तेल, गैस और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
- कई देश आपात योजनाएं बना रहे हैं, जिसमें शिपिंग कंपनियों से तालमेल और ईरान पर दबाव शामिल है।
- यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सुझाव दिया कि ऊर्जा और युद्ध से जुड़े मुद्दों को अलग-अलग हल किया जाना चाहिए।
